Sarcasm का हिंदी अर्थ क्या है और कैसे समझे Sarcasm को ?

Sarcasm को हम हिंदी में कटाक्ष बोलते है। किन्तु कटाक्ष एक ऐसा शब्द है जिसे समझना थोड़ा कठिन है और यह शब्द अकेले sarcasm शब्द का पूरी तरह से व्याख्या नहीं करता है। Sarcasm का अर्थ परिस्तिथि के अनुसार बदल सकता है। एक व्यक्ति Sarcasm के उपयोग सामने वाले व्यक्ति को हँसाने के लिए भी कर सकता है तो कभी सामने वाले का मजाक उड़ाने अथवा उसे निचा दिखने के लिए भी कर सकता है।

इस लेख में हम आपको sarcasm के मतलब को समझाने के साथ साथ आपको sarcasm के कुछ ऐसे example देंगे जिसे पढ़कर आप sarcasm को बहुत अच्छी तरह से समझना सीख जायेंगे।

Sarcasm क्या है –

Sarcasm लोगो द्वारा उपयोग में लिए गए उन शब्दों व वाक्यों को कहा जाता है जिसके कहने का मतलब, कहे गए वाकया से बिलकुल उल्टा होता है जैसे की मान लीजिये आपको किसी से मदद की उम्मीद थी किन्तु वह आपका काम नहीं कर पता है और आप कटाक्ष करते हुए कहते है ‘बहुत बहुत धन्यवाद आपका मेरा ये काम को पूरा करने के लिए ‘ । यहाँ इस परिस्थिति में आप उसे धन्यवाद् नहीं करना चाहते है क्युकी उसने तो आपका काम किया ही नहीं फिर भी आप उसे ऐसे कहते है ताकि सामने वाले को बुरा लगे और उसे समझ आ जाये की आप उसके काम न करने से खुश नहीं है।

ऊपर दिए गए उदाहरण में हमने सामने वाले व्यक्ति का व्यंग करने के लिए sarcasm का उपयोग किया लेकिन हम sarcasm का उपयोग सामने वाले को हँसाने के लिए भी करते है।

हम में से अधिकतर लोगो ने Harry Potter movie देखि है अभी मुझे इस फिल्म में Harry द्वारा की गयी एक sarcasm याद आ रहा है जो मैं अभी आपके सामने रख रहा हूँ।

यह scene Harry Potter की The Half Blood Prince भाग की है इस scene में Harry Weasley के घर से जा रहा है और Mrs. Weasley कहती है की Harry मुझे वचन दो की तुम अपना ध्यान रखोगे और किसी मुशीबत में नहीं पड़ोगे इस पर harry जवाब देता है की मैं तो हमेशा ऐसा ही करता हु आप तो मुझे जानती है।

जैसा की हम सभी जानते है की harry potter के जीवन में कभी शांति नहीं रहती है लेकिन harry यहाँ ऐसा कहकर की वो हमेशा अपने आप को मुशीबतों से दूर रखता है वो Mrs Weasley को हँसाने के लिए एक तरह का sarcasm ही करता है।

यहाँ पर किया गया sarcasm सामने वाले का मजाक उड़ाने के लिए नहीं था किन्तु उसे हँसाने के लिए था।

स्वामी विवेकानंद जी के द्वारा किया गया एक अति लोकप्रिय Sarcasm

ये उस समय की बात है जब स्वामी विवेकानंद जी लंदन की कॉलेज में लॉ की पढाई कर रहे थे। वह पर एक गोरा प्रोफेसर जिसे Mr. Peter के नाम से जाना जाता है वो उन्हें काफी नापसंद करता था।

एक दिन वह प्रोफेसर डाइनिंग रूम में भोजन कर रहा था और विवेकानंद जी भी वही पास में जाकर बैठ जाते है। ऐसा देखकर प्रोफेसर कहता है, ” विवेकानंद आपको समझ नहीं आता की एक सूअर और एक पक्षी कभी साथ बैठ कर नहीं खा सकते। ” इसपर विवेकानंद जी बड़े शांति से उस प्रोफेसर को जवाब देते है, ” आप चिंता न करे प्रोफेसर मैं यहाँ से उड़ कर चला जाऊंगा। “

यहाँ पर विवेकानंद जी ने किसी कड़ुए शब्द का उपयोग किये बिना ही उस प्रोफेसर को उसके शब्दों के जाल में बांधकर उसका ही मजाक बना दिए।

इस घटना के बाद उस प्रोफेसर ने स्वामीजी से अपने मजाक का बदला लेने की सोच से एक दिन कक्षा में विवेकानंद जी से प्रश्न करता है, “विवेकानंद अगर तुम रस्ते में जा रहे हो और तुम्हे दो थैली मिलती है, एक ज्ञान की थैली और दूसरी पैसो से भरी थैली, तूम इन दोनों में से कौन सा उठाओगे। “

विवेकानंद जी बिना किसी हिचकिचाहट के जवाब देते है, ” वह थैली जिसमे पैसे है “

वह प्रोफेसर हस्ता है और कहता है, “अगर मई तुम्हारी जगह होता तो ज्ञान की थैली उठता “

इसपर विवेकानंद जी जवाब देते है, “हर इंसान वही चीजे लेता है जो उसके पास नहीं होता “

इस तरह विवेकानद जी बिना किसी कड़ुए शब्द का उपयोग किये ही उस प्रोफेसर को उसकी नफरत का जवाब दिए थे।

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Sarcasm के कुछ Example –

सामने वाला : आज तुम बहुत बुरे दिख रहे हो
आप: हां, आज मई तुम्हारे जैसा दिखने की कोशिस कर रहा था।

जब कुछ बेवकूफी भरी सवाल पूछी गयी हो :

सिनेमाघर में आपका मित्र आपको वह देखकर आपसे पूछता है
अरे दोस्त ! तुम यहाँ क्या कर रहे हो ?
आप: मैं यहाँ ब्लैक में टिकट बेच रहा हु लेना है।
यहाँ आपने चिढ़ते हुए ऐसा क्युकी कौन नहीं जनता की सिनेमाघर में लोग सिनेमा देखने आते है यहाँ इस तरह के सवाल पूछने का भला कोई मतलब बनता है क्या ?

जब कोई रात में आपको फ़ोन करता है और पूछता है “क्या तुम सो रहे थे ?”
आप: नहीं, मैं अभी अपने ऑफिस में काम कर रहा हु तुम भी आ जाओ साथ बैठ कर काम करेंगे।

जब आप अपनी कार धो रहे हो और आपके परोसी पूछते है की क्या आप अपनी कार दो रहे है।
आप: नहीं, बस इसे पानी दे रहा था ताकि इसके ऊपर घास उग जाये।

इस तरह के और भी बहुत ऐसी स्थिति हो सकती है जब आप Sarcasm के नाम पर साफ़ झूठ बोल कर लोगो को चिड़ा सकते है।

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हम आशा करते है की अब इस लेख को पढ़ने के बाद हमारे बहुत सारे मित्रों को sarcasm के बारे में पता चल गया होता और अब उन्हें facebook जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सिर्फ इस लिए मजाक का पात्र नहीं बनना पड़ेगा क्युकी उन्हें sarcasm समझ नहीं आता है। हम अब आपको विश्वास दिलाना चाहते है की अब आप साधारण sarcasm को बहुत ही आसानी से समझ पाएंगे और धीरे-धीरे और भी अधिक समझने लगेंगे।

आप सभी मित्रो के लिए हमारे पास एक सवाल है, ” सर्चसम के नाम पे किसी का मजाक उड़ाना वो भी बहुत बुरी तरह से क्या ये सही है ?”

हमें कमेंट करके अपनी राय दें।

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